नए वर्ष पर कविता

 नए वर्ष में नई पहल हो।

कठिन ज़िंदगी और सरल हो।।

अनसुलझी जो रही पहेली।

अब शायद उसका भी हल हो।।


जो चलता है वक्त देखकर।

आगे जाकर वही सफल हो।।

नए वर्ष का उगता सूरज।

सबके लिए सुनहरा पल हो।।


समय हमारा साथ सदा दे।

कुछ ऐसी आगे हलचल हो।।

सुख के चौक पुरें हर द्वारे।

सुखमय आँगन का हर पल हो।।

आओ मिलकर करें कुछ फैसले l

कुछ ननए वर्ष में नई पहल हो।

कठिन ज़िंदगी और सरल हो।।

अनसुलझी जो रही पहेली।

अब शायद उसका भी हल हो।।


जो चलता है वक्त देखकर।

आगे जाकर वही सफल हो।।

नए वर्ष का उगता सूरज।

सबके लिए सुनहरा पल हो।।


समय हमारा साथ सदा दे।

कुछ ऐसी आगे हलचल हो।।

सुख के चौक पुरें हर द्वारे।

सुखमय आँगन का हर पल हो।।

 बनाए कुछ नए उद्देश्य l

जिन से बने भारत मेरा महान ll

 तोड़ दे हर उन रूढ़ीवादी परंपराओं को l

 अपनाए नए नियम नई बातें नए युग की ll

नए वर्ष की शुभकामनाए । 

 नए वर्ष की नई किरण के साथ ।।



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